शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने बीड सरपंच हत्या मामले में सीआईडी को जांच में सामने आए विवरणों का खुलासा करने की मांग की। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दोहराया कि हत्या और जबरन वसूली के मामले, जिसमें राकांपा मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को गिरफ्तार किया गया है, दोनों की सुनवाई बीड जिले से बाहर की जानी चाहिए। सरपंज हत्या मामले में अबतक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने कहा, "तीन आरोपी अभी भी फरार है। उनके बारे में क्या? मैंने ऐसा सुना कि गिरफ्तार आरोपियों ने फरार आरोपियों से संपर्क किया।" उन्होंने आगे कहा कि जांच में सामने आए तथ्यों का सीआईडी को खुलासा करना चाहिए। पत्रकारों से बात करते हुए दानवे ने कहा, "कराड ने दावा किया कि उनका इनसब से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि जबरन वसूली के बारे में (कंपनी और कराड के बीच) संचार हुआ था। तथ्य तभी सामने आएंगे, जब बाकी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"
दानवे ने की थी मामले की सुनवाई बीड से बाहर कराने की मांग
इससे पहले अंबादास दानवे ने इस मामले की सुनवाई बीड जिले से बाहर कराने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच करने वाले अधिकांश अधिकारी बीड से हैं। कराड के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार करने वाले पुलिस कर्मियों को जांच टीम में शामिल किया जा रहा है। यहां सब कुछ स्क्रिप्टेड लग रहा है। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने सीआईडी से कराड के कॉल रिकॉर्ड को भी सार्वजनिक करने की मांग की।
पिछले महीने हुई थी सरपंच की हत्या
बता दें कि पिछले महीने नौ दिसंबर को बीड जिले की केज तहसील के मसजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई। इस मामले के 22 दिन बाद जबरन वसूली के केस में कराड ने राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के समक्ष खुद को सरेंडर कर दिया। इस मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को एसआईटी का गठन किया। राज्य गृह विभाग द्वारा जारी एक आदेश में बताया गया कि एसआईटी का नेतृत्व सीआईडी के उप महानिरीक्षक बसवराज तेली करेंगे।
संबंधित वीडियो