आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर देश का चुनावी माहौल गरमा रहा है। रैलियां, नारे और लोक लुभावन चुनावी वादों की झड़ी के बीच सियासी पारा चढ़ रहा है। इसी माहौल पर पेश है चुनिंदा काव्य पंक्तियां जो हमारी लोकतंत्र की समझ को मजबूत करेंगी। मतदान जरूर करें। साथ ही अपने विवेक का इस्तेमाल भी करें। इस कविता को पढ़कर आपको ऐसा ही ख्याल भी आएगा।
चलो वोट डालकर आएं
निकले अपने घर आंगन से
द्वार द्वार पर टेर लगाएं
चलो वोट डालकर आएं
मम्मी पापा भैया दीदी
चचा भतीजे दादा दादी
सब को घेरें और ले आएं
चलो वोट डालकर आएं
इसको देंगे उसको देंगे
अपनी मर्जी जिसको देंगे
कोई नहीं नोटा ही दबाएं
चलो वोट डालकर आएं
एक वोट से क्या होता है
कह कह यह साथी रोता है
हर मत का मतलब समझाएं
चलो वोट डालकर आएं
सबल राष्ट्र के आराधन में
लोकतंत्र का महायज्ञ है
अपनी भी समिधा दे आएं
चलो वोट डालकर आएं
- विनीत त्रिपाठी