जान के खतरे के मद्देनजर ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को सामान्य जेल से निकालकर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। मिशेल ने आवेदन दायर कर जेल अधिकारियों के इस तर्क को गलत बताया है कि आईबी के मुताबिक उसकी जान को खतरा है, इसलिए उसे हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट किया गया है।
मिशेल का कहना है कि वह अभी विचाराधीन कैदी है और उसे हाई सिक्योरिटी सेल में छोटा राजन व अन्य खतरनाक अपराधियों के साथ रखा जा रहा है। पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार ने मिशेल के आवेदन पर जेल प्रशासन से बुधवार तक जवाब मांगा है। अदालत ने मंगलवार को मिशेल की न्यायिक हिरासत 9 मई तक बढ़ा दी। वहीं इस मामले में एसपी त्यागी व अन्य आरोपियों को अगली तारीख तक सभी दस्तावेज मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
कोर्ट के समक्ष मिशेल की ओर से अधिवक्ता एलजो के. जोसेफ व विष्णु शंकर ने आवेदन पेश कर कहा कि उसे अवैध तरीके से जेल नंबर-सात से जेल नंबर-दो में शिफ्ट कर दिया गया है। उसे परेशान करने और दबाव डालने के लिए रखा गया है। पेश आवेदन में यह भी कहा है कि इस जेल में खिड़की व दरवाजे भी नहीं है। यहां पर 24 घंटे हाई पावर बल्ब जलता है जिससे वह रात में भी सो नहीं पा रहा है। उसकी डायरी, ब्रिटिश उच्चायोग के अधिकारियों के कार्ड, केस के दस्तावेज, तीन मोबाइल कॉलिंग कार्ड भी ले लिए गए हैं।
आवेदन के अनुसार मिशेल के पूछने पर जेल अधिकारियों ने बताया कि उसकी जान को खतरा है, इसलिए उसे हाई सिक्योरिटी वाली जेल में भेजा गया है। यहां पर उसे अपने परिवार व वकील से फोन पर बात करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है। वीवीआईपी चौपर डील मामले में मिशेल तीन बिचौलियों में से एक है। सीबीआई का आरोप है कि 12 अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद मामले में सरकार को करीब 2666 करोड़ का नुकसान हुआ था। ईडी के मुताबिक, इस डील में मिशेल ने 225 करोड़ की घूस ली थी। ईडी का दावा है कि मिशेल ने दूसरे रक्षा सौदों में भी घूस खाई और उसकी जांच होनी है।