फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VVIP Chopper Scam: सुप्रीम कोर्ट का जांच एजेंसियों से सवाल, पूछा- क्या विदेशी होने के कारण मिशेल को बेल न दें

Tue, 06 Dec 2022 09:33 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्रिश्चियन मिशेल ब्रिटिश नागरिक है और चार साल से अधिक समय से भारतीय जेल में बंद है। वीवीआईपी चॉपर घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल क्रिश्चियन मिशेल को दिसंबर 2018 में प्रत्यर्पण संधि के तहत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत लाया गया था।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अगस्ता वेस्टलैंड चॉपर घोटाला मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी से पूछा कि क्या क्रिश्चियन मिशेल को सिर्फ इसलिए जमानत न दी जाए कि वह विदेशी है? अदालत ने कहा कि कोर्ट के समक्ष जो तथ्य रखे गए हैं, उनमें किसी भी भारतीय नागरिक को जमानत दी जा सकती है।  बता दें, क्रिश्चियन मिशेल ब्रिटिश नागरिक है और चार साल से अधिक समय से भारतीय जेल में बंद है। वीवीआईपी चॉपर घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल क्रिश्चियन मिशेल को दिसंबर 2018 में प्रत्यर्पण संधि के तहत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत लाया गया था।
विज्ञापन


प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने पूछा कि मिशेल को कितने समय तक हिरासत में रखा जा सकता है और कहा कि आमतौर पर, अगर आरोपी भारतीय नागरिक होता, तो अदालत उसे जमानत देने को तैयार होती, खासकर उस अपराध के लिए चार साल से अधिक समय तक हिरासत में बिताया हो, जिसके लिए अधिकतम सजा पांच साल है।

पीठ ने जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से कहा कि हमज इसलिए कि वह एक विदेशी नागरिक है, हम उसे कब तक अपने पास रख सकते हैं? क्या यह उसकी स्वतंत्रता के पूर्ण अभाव को न्यायोचित ठहरा सकता है? अगर वह भारतीय नागरिक होता, तो अदालत उसे जमानत देने को तैयार होती।
विज्ञापन


मिशेल ने जमानत के लिए दिया यह तर्क 
मिशेल ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामलों में जमानत के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।  मिशेल के वकील ने अदालत को बताया कि 2004 से 2008 तक हुई घटना के लिए 2013 में दर्ज एक प्राथमिकी के संबंध में मिशेल ने अपने प्रत्यर्पण के बाद लगभग चार साल जेल में बिताए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें