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नागपुर के वाटर प्लांट में क्लोरिन गैस लीक होने से मचा हड़कंप: NDRF ने संभाला मोर्चा, 20 लोग अस्पताल में भर्ती

Mon, 24 Aug 2026 09:30 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नागपुर

सार

नागपुर के गोधनी इलाके में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के पानी साफ करने वाले प्लांट में क्लोरीन गैस लीक होने की खबर के बाद बचाव कार्य चलाया गया।  पुलिस को जैसे ही घटना की शुरुआती जानकारी मिली, वे सबसे पहले मौके पर पहुँचे और फँसे हुए लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया।  
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गोधनी प्लांट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र के नागपुर के गोधनी इलाके में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के जलशोधन संयंत्र में क्लोरीन गैस लीक की सूचना के बाद पुलिस, फायर विभाग, NDRF और अन्य टीमों ने बचाव अभियान चलाया। कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि करीब 20 लोगों के अस्पताल में होने की बात कही गई है। फिलहाल स्थिति सामान्य है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर को दो-तीन दिनों तक सील रखने की सलाह दी गई है।

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पुलिस ने सबसे पहले संभाला मोर्चा
NDRF जवान विजय के मुताबिक, पुलिस को जैसे ही शुरुआती जानकारी मिली, वे सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और वहां फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से इलाके में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई।

फायर विभाग ने तुरंत शुरू किया ऑपरेशन
विजय ने बताया कि पुलिस के बाद फायर डिपार्टमेंट को अलर्ट मिला था और दमकल की टीम सबसे पहले ऑपरेशन शुरू करने के लिए मौके पर पहुंची। इसके बाद NDRF और अन्य टीमों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वे भी तेजी से घटनास्थल पर पहुँचीं और बचाव अभियान में शामिल हो गईं।
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फिलहाल स्थिति सामान्य, कोई मौत नहीं
NDRF जवान ने बताया कि अभी स्थिति सामान्य है और घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, गैस के संपर्क में आने के कारण कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके मुताबिक, करीब 20 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं।

परिसर में अब भी सावधानी जरूरी
विजय ने कहा कि घटनास्थल पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ गिरा हुआ मटीरियल अभी भी वहां मौजूद है और गैस की मौजूदगी का भी पता चल सकता है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।

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दो-तीन दिन परिसर सील रखना बेहतर
सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। NDRF जवान के अनुसार, परिसर को अगले दो-तीन दिनों के लिए सील रखना सबसे बेहतर होगा, ताकि गैस के संभावित प्रभाव और घटनास्थल पर मौजूद सामग्री की पूरी तरह जांच की जा सके।

 

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