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Chirag Paswan: 'विपक्ष के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ा', चिराग पासवान ने बताया SIR को क्यों बनाया जा रहा मुद्दा

Sat, 10 Jan 2026 01:54 AM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chirag Paswan Statement On SIR: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष घटती लोकप्रियता के कारण एसआईआर का मुद्दा बेवजह उठा रहा है। बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जनता ऐसे आरोपों को खारिज करती है और विपक्ष हार के बहाने तलाश रहा है।
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चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उसकी घटती लोकप्रियता ही विशेश गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर अनावश्यक हंगामे की असली वजह है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ रहा है और इसी डर से वे चुनावी सुधारों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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ग्रेटर नोएडा में इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय फूड एंड बेवरेजेज प्रदर्शनी में शिरकत करने पहुंचे चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष एसआईआर को मुद्दा बनाकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर काम करने के बजाय विपक्षी दल चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाकर अपनी नाकामी छिपाना चाहते हैं।

बिहार का दिया उदाहरण
चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में पिछले साल भी एसआईआर को लेकर इसी तरह का शोर मचाया गया था, लेकिन उसके बावजूद एनडीए को ऐतिहासिक जीत मिली। यह साफ संकेत है कि जनता उन दलों को नकार देती है जो जमीनी मुद्दों से कटे रहते हैं और केवल हंगामे की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों ने विपक्ष के आरोपों की हवा निकाल दी।
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व्यक्तिगत हमलों से विपक्ष को नुकसान
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अनुचित भाषा और व्यक्तिगत हमलों का सहारा लिया। उन्होंने चौकीदार चोर है जैसे नारों और वोट चोरी के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे बयानों से विपक्ष की विश्वसनीयता को ही नुकसान पहुंचा है। जनता इन बातों को समझती है और इसका जवाब चुनाव में देती है।

पहले भी हुआ है एसआईआर
एसआईआर पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि यह प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। पहले भी इसी तरह का गहन पुनरीक्षण किया जा चुका है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले प्रक्रिया ऑफलाइन थी, अब इसे ऑनलाइन किया गया है ताकि पारदर्शिता और सटीकता बढ़े।
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हार का डर और बहाने की राजनीति
उन्होंने कहा कि जब भी विपक्ष एसआईआर पर सवाल उठाता है, तो जनता समझ जाती है कि वह अपनी संभावित हार को लेकर पहले से बहाने तैयार कर रहा है। चिराग पासवान के मुताबिक, बार-बार एसआईआर पर सवाल उठाना विपक्ष की चुनावी हार की आशंका को ही दिखाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भरोसा करता है और बेबुनियाद आरोपों से गुमराह नहीं होगा।

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