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चीन की खुली पोल, लद्दाख के करीब काशगर एयरबेस पर तैनात किए खतरनाक बॉम्बर एयरक्राफ्ट

Sun, 02 Aug 2020 06:05 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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PLA china Army - फोटो : सांकेतिक
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भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव बरकरार है। हालांकि आज से दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच पांचवें स्तर की बातचीत शुरू हो गई है। पूर्वी लद्दाख में सीमा पर 90 दिनों से चल रहे तनाव के बीच दोनों देशों ने कई इलाकों में पीछे हटने की बात की है। हालांकि चीन अभी भी पैंगोंग त्सो में पीछे नहीं हटा है और इसे लेकर दोनों देशों में बातचीत का दौर जारी है।

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उधर चीन जहां एक तरफ शांति और बातचीत से समाधान निकालने की बात कर रहा है, वहीं वो लगातार सीमा के करीब अपनी सैन्य क्षमता में बढ़ोतरी भी कर रहा है। चीन की इस नापाक इरादे का एक बार फिर से भंडाफोड़ हुआ है। सैटेलाइट द्वारा ली गई कुछ तस्वीरों से चीन के खतरनाक मंसूबों के बारे में पता चला है। नई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारतीय सीमा के करीब काशगर एयरपोर्ट पर परमाणु बमों से लैश अपने कई बॉम्बर एयरक्राफ्ट तैनात किए हैं।

ओपन इंटेलिजेंस सोर्स Detresfa ने ट्वीट कर सैटलाइट इमेज जारी किए हैं जिसमें काशगर एयरबेस पर चीन के रणनीतिक बॉम्बर और दूसरे आधुनिक और खतरनाक हथियार भी तैनात दिख रहे हैं। सैटलाइट तस्वीरों में दिखाया गया है कि इस बेस पर 6 शियान एच-6 बॉम्बर हैं जिनमें से दो पेलोड के साथ हैं। इनके अलावा 12 शियान जेएच-7 फाइटर बॉम्बर हैं जिनमें से दो पर पेलोड हैं। वहीं, 4 शेनयान्ग जे11/16 फाइटर प्लेन भी हैं जिनकी रेंज 3530 किलोमीटर है।
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बात करें इस एयरबस की लद्दाख से दूरी की तो यह करीब 600 किलोमीटर है। ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि चीन ने अपने इन सैन्य हथियारों और विमानों को भारत के साथ चल रहे सीमा विवाद की वजह से लगाया है। ये बॉम्बर परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखते हैं और इनकी मारक क्षमता 6000 किमी तक है। 

चीन के पास इस वक्त करीब 250 शेनयान्ग विमान हैं, इन विमानों की अधिकतम रफ्तार 2500 किमी प्रतिं घंटे की है। यह प्लेन रूस की एसयू 27 एसके का लाइसेंस वर्जन है। ये विमान हवाई क्षेत्र की रक्षा और जमीन पर हमला करने के मामले में सक्षम हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन लद्दाख क्षेत्र में वायुसेना की अपनी ताकत में इजाफा करना चाहता है।

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