22 जुलाई को सीबीआई ने बोफोर्स तोप के स्वदेशी वर्जन धनुष में मेड इन जर्मनी के नाम पर चीनी पार्ट्स लगाने के मामले में एक कंपनी और जबलपुर गन्स कैरिज फैक्टरी के एक अधिकारी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक मामला दर्ज किया है।
बता दें कि धनुष तोप में लगने वाले पार्ट्स की जांच के लिए कैरिज फैक्टरी में तीन स्तर तय किए गए हैं। लेकिन चीनी पार्ट किसी भी स्तर पर नहीं गया।
इस पूरे खेल का खुलासा उस वक्त हुआ जब परीक्षण के दौरान बैरल के मजल फट गए। जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई। धनुष में लगने वाले ज्यादातर पार्ट भारत में ही बनते हैं, लेकिन कुछ पार्ट अभी भी बाहर से मंगाने पड़ते हैं। इन पार्ट में वायर रेस रोलर बेयरिंग भी बाहर से मंगानी पड़ती है। इसके लिए सबसे भरोसेमंद मेड इन जर्मनी ब्रांड के बेयरिंग होते हैं।
गौरतलब है कि अगर तोप में सही बेयरिंग का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा तो तोप में ही विस्फोट हो सकता है। जिससे सैनिकों की जान खतरे में पड़ सकती है। कंपनी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में बताया गया कि बेयरिंग्स के ऐसे चार टेंडर जारी किए गए थे। जिसमें 'सिद्ध सेल्स सिंडिकेट' को 2013 में 35.38 लाख रुपये का ऑर्डर दिया गया था।