साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
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मोबाइल एप के जरिये निवेश पर आकर्षक ब्याज का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले चीनी हवाला ऑपरेटरों के एक गिरोह का कर्नाटक पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि यह गिरोह अब तक लोगों से 290 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुका है। पुलिस ने इस मामले में दो चीनी, दो तिब्बती नागरिकों समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सीआईडी की साइबर क्राइम डिवीजन ने बताया कि मुखौटा कंपनियों के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दे रहे इस गिरोह को चीनी हवाला ऑपरेटरों के साथ मिलकर केरल का एक उद्योगपति अनस अहमद चला रहा है। अनस अहमद ने चीन में ही पढ़ाई की है और वहां की लड़की से शादी की है। वह इस पूरे नेटवर्क का किंगपिन भी है।
साइबर क्राइम डिवीजन ने कहा, पेमेंट गेटवे सुविधा देने वाली कंपनी रेजर पे सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में कंपनी ने आरोपियों द्वारा खुद को गेमिंग, सोशल व ई-कामर्स बिजनेस में होने का दावा करते हुए उसकी ‘पेमेंट सॉल्यूशंस’ सेवा लेने का आरोप लगाया। लेकिन बाद में उन्होंने कंप्यूटर संसाधनों के जरिये कंपनी के साथ धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
आरोपियों ने अपने लेनदेन का पैसा इकट्ठा करने के लिए गूगल प्लेस्टोर में ‘पॉवरबैंक’ नाम से सूचीबद्ध मोबाइल एप का इस्तेमाल करने लगे। रेजर पे को उपभोक्ताओं की शिकायत से जानकारी मिली कि उन्हें पॉवरबैंक एप पर ब्याज कमाने का लालच देकर पैसे का निवेश कराया गया, लेकिन न तो पैसा वापस किया गया और न ही कभी ब्याज दिया गया।
साइबर क्राइम डिवीजन ने बताया कि आईटी एक्ट व आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अनस अहमद की तलाश की जा रही है।