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सीमा विवाद का भारत-चीन के आर्थिक संबंधों पर कोई असर नहीं: चीनी दूतावास

Tue, 11 Jul 2017 10:27 AM IST
amarujala.com- Presented By- अभिषेक तिवारी
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भारत-चीन संबंध (प्रतीकात्मक) - फोटो : InShorts
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भारत-चीन के बीच चल रहे सिक्किम सीमा विवाद के बीच सोमवार को नई दिल्ली के एक चीनी दूतावास के अधिकारी ने कहा कि भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों पर डोकलाम के हालात का कोई असर नहीं पड़ेगा। 
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उन्होंने कहा आगे कहा कि डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच चल रहे गतिरोध का परिणाम भारत-चीन के आर्थिक और सास्कृतिक संबंधों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना होगा। भारत में चीनी दूतावास के आर्थिक और वाणिज्यिक परामर्शदाता कार्यालय के सचिव ली रोंंगरोंग ने कहा कि भारत और चीन दोनों ही लंबे समय से एक-दूसरे का सहयोग करते हैं क्योंकि ये आपस में जुड़े हुए हैं।

मामले मेें समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक अज्ञात चीनी दूतावास के अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि भारत और चीन ने हजारों वर्षों से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को कायम रखा है। हम व्यापार व अन्य संबंध भी स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधो पर डोकलाम तनाव का कोई प्रभाव नहीं होगा। 
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गौरतलब है कि पिछले चार हफ्ते से दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारत, चीन और भूटान के ट्राई जंक्शन पर मौजूद डोकलाम इलाके तनाव जारी है। जानकारी के अनुसार यह तनातनी और लंबी खिंचती जा रही है। क्योंकि भारतीय सेना ने इलाके में तंबू गाड़कर साफ कर दिया है कि वह चीन के दबाव में पीछे हटने वाली नहीं है।विवादित इलाके डोकलाम में मौजूद भारतीय सेना को लगातार आपूर्ति की जा रही है। हालांकि चीन पूरी आक्रामकता के साथ इस बात पर जोर दे रहा है कि वह किसी भी 'समझौते' के लिए तैयार नहीं है।
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क्या है डोकलाम विवाद-

china
डोकलाम पठार भारत और चीन सीमा के पास है। इसका कुछ हिस्सा भूटान में भी पड़ता है। भारतीय सेना चीन के द्वारा इस इलाके में सड़क निर्माण के काम का विरोध कर रही है। भूटान को भी चीन की यह हरकत मंजूर नहीं। भूटान में यह पठार डोक ला कहलाता है, जबकि चीन में डोकलांग।अगर चीन ने यहां सड़क बनाई तो उसके लिए भारत के लिए सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण कॉरिडोर ‘चिकेन नेक’ के जरिए पूर्वोत्तर में आसानी से प्रवेश कर सकता है। 
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