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हैदराबाद: पहले कर्ज दे रही हैं चीनी कंपनियां, फिर हो रहा है प्रताड़ित करने का खेल

Sun, 25 Oct 2020 05:24 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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हैदराबाद पुलिस के सामने चीनी कंपनियों द्वारा भारतीयों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले सामने आए हैं। अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी में लिप्त चीनी कंपनियां भारतीयों को करोड़ों रुपयों का चूना लगा रही हैं और पैसों को एप आधारित वित्तीय फर्मों से पास भेज रही हैं। इसके बाद, ये वित्तीय फर्म पैसा वापसी के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनी रही हैं। इसमें वह डिफॉल्टर के कॉन्टैक्ट लिस्ट को एक्सेस कर रही हैं और उन्हें बता रही हैं कि पैसे का भुगतान नहीं किया गया है। 

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हाल ही में ऐसे ही एक मामले में दर्ज कराई गई एफआईआर को लेकर तहकीकात कर रहे पुलिसकर्मी के साथ एक रिकवरी एजेंट ने अभद्रता की थी। इसके साथ ही एजेंट ने धमकी भी दी थी कि वह बिना किसी डर के अपने हथकंडों को जारी रखेगा। 


चीनी ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में हाल ही में फाइल की गई चार्जशीट में पुलिस ने उल्लेख किया है कि विभिन्न व्यापारों में दोबारा निवेश के जरिए पैसा कमाया गया था। इसमें 40 से 50 फीसदी के आसपास ब्याज दर के साथ इंस्टैंट फाइनेंसिंग भी शामिल है। आम तौर पर, इन एप्स के माध्यम से अधिकतम 50 हजार रुपये का कर्ज दिया जाता है। हैदराबाद पुलिस ने 14 अगस्त को ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह चलाने के आरोप में एक चीनी नागरिक और उसके भारतीय सहयोगियों को गिरफ्तार किया था।
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इन मामलों में अभी तक शहर में उत्पीड़न और धमकी भरे फोनकॉल को लेकर चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। ये फोनकॉल मध्यप्रदेश, नोएडा, चेन्नई और बंगलूरू समेत देश के अन्य हिस्सों से की गई थीं। ये एप डिफॉल्टर के फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट को एक्सेस करते हैं और साथियों, मित्रों और परिवार वालों को फोन कर पैसा न चुकाने की बात बताकर शर्मिंदा करते हैं। कुछ मामलों में फोन करने वालों ने लोगों को धमकाया भी है। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एप के माध्यम से लोन सेने के समय, लोन लेने वाला एप को कॉन्टैक्ट लिस्ट एक्सेस करने की अनुमति दे देता है, जिसका कंपनी दुरुपयोग करती है। पुलिस को जानकारी है कि एप की ओर से अधिकतर कॉलर चेन्नई, बंगलूरू, मध्यप्रदेश और नोएडा से हैं। लेकिन लोन क राशि बहुत कम होने के चलते वह इन पर कार्रवाई नहीं कर रही है। 

हैदराबाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि, चूंकि कर्ज की राशि कम है, इसलिए हमने अभी तक ऐसी कॉल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपनी टीमें नहीं भेजी हैं। इसके साथ ही केवल शिकायतकर्ता दावा कर रहे हैं कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, लेकिन किसी ने भी इसे लेकर अब तक कोई पुख्ता सुबूत पेश नहीं किया है। वहीं, अभी तक इन लोगों की कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आया है। 

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