चीन की दादागीरी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड के बाराहोटी में घुसपैठ से पहले उसने हवाई रेकी की थी। उत्तराखंड के चमोली जिले के इस इलाके में चीन के एयरक्राफ्ट ने उड़ान भरी थी। इलाके में चीन का अतिक्रमण माना जाता है। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी इलाके में सैन्य प्रशिक्षण भी आयोजित करती रहती है।
चीन के लड़ाकू विमान से रेकी करते वक्त इलाके की तस्वीरें भी ली थीं। बताया जाता है कि पीएलए का एयरक्राफ्ट सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) से लैस है। एसएआर के जरिए यह किसी भी मौसम या रात में हाई-रेजॉल्यूशन तस्वीरें ले सकता है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस साल की शुरुआत में चीन का टुपोलोवटू 153एम एयरक्राफ्ट उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा से सटे इलाके में रेकी कर चुका है।