भारत और अफगानिस्तान के बीच बने हवाई कॉरिडोर की चीनी मीडिया ने तीखी आलोचना की है। चीन ने हवाई कॉरिडोर को इसे भारत की 'जिद्दी भू-राजनीतिक सोच' करार दिया है। साथ ही इसे बीजिंग की कनेक्टिविटी परियोजना में खलल माना है।
चीन के एक दैनिक अखबार ने सवाल उठाया है कि आखिर पाकिस्तान को दरकिनार कर भारत क्या सिर्फ अफगानिस्तान के साथ व्यापार को बढ़ावा देना चाहता है? क्या भारत को अन्य देशों के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को विकसित नहीं करना चाहिए? गौरतलब है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पिछले सप्ताह भारत-अफगानिस्तान एयर कॉरिडोर का उद्घाटन किया था।
बता दें कि अफगानिस्तान चारों ओर से विदेशी जमीनों से घिरा हुआ है जिसके चलते वे आयात-निर्यात के लिए पड़ोसी देशों पर निर्भर है। लेकिन, इस समय पाक-अफगान के बीच आतंकियों को पनाह देने के आरोपों को लेकर नोक-झोंक चल रही है।
अशरफ गनी राष्ट्रपति बनने के बाद 2015 में भारत यात्रा पर आए थे और इस दौरान दोनों देशों में एयर कॉरिडोर बनाने पर सहमति बनी थी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत शरू से ही चीन के 'वन बेल्ट वन रोड' प्रोजेक्ट को लेकर विरोध जता रहा है। लेकिन हवाई कॉरिडोर के चलते भारत को पाक पर दवाब बनाने का मौका मिल गया है, जिससे भारत, पाकिस्तान पर चीन-पाक आर्थिक कॉरिडोर से कदम पीछे करने का दवाब बना रहा है। दरअसल, चीन बाजार के तौर पर भारत में अपना भविष्य देखता आया है। लेकिन चीन अपने 'वन बेल्ट वन रोड' परियोजना के तहत भारत को लगातार घेरने की कोशिश में है।