भारत ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि चीन पूर्वी लद्दाख में अन्य इलाकों से सैनिकों की पूरी तरह जल्द वापसी सुनिश्चित करने के लिए उसके साथ मिलकर काम करेगा क्योंकि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मौजूदा हालात लंबे समय तक बने रहना किसी के भी हित में नहीं है।
साथ ही इस बात पर जोर दिया कि तनाव में कमी और सैनिकों के हटने से ही सीमावर्ती इलाकों में शांति और अमन की बहाली होगी तथा द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के लिए का माहौल बनेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर पैंगोंग झील क्षेत्र में सैनिकों की वापसी एक महत्वपूर्ण कदम था और इसने पश्चिमी सेक्टर में अन्य मुद्दों के समाधान के लिए अच्छा आधार प्रदान किया। दोनों देश अन्य मुद्दों को तेजी से समाधान निकालने पर सहमत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देश सैन्य और राजनीतिक चैनलों के जरिए इस मुद्दे पर एक दूसरे के संपर्क में हैं। उन्होंने विदेशमंत्री एस जयशंकर के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर वर्तमान हालात लंबे समय तक बने रहना किसी के हित में नहीं है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि चीनी पक्ष शेष क्षेत्रों में सैनिकों की पूरी तरह जल्द वापसी सुनिश्चित करने के लिए हमारे साथ मिलकर काम करेगा।