कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर चीन का अड़ियल रवैया फिर से खबरों में बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन यात्रा को हल्के में नहीं ले रहा है, लेकिन उसने सफाई देते हुए कहा कि वो इस बारे में भारत से बातचीत कर रहा है। चीन की माने तो दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच यात्रा को लेकर बातचीत चल रही है।
दरअसल, सिक्किम के नाथू-ला दर्रा के रास्ते मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं पर चीन लगातार अडंगा लगा रहा है । इससे पहले 15 जून को जो यात्री यहां गंगटोक पहुंचे थे, उन्हें चीन ने किन्हीं कारणों से वापस लौटा दिया था। चीन के बॉर्डर से लौटा दिए जाने के बाद भारतीय यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
दरअसल, पीएम मोदी ने 26 मई को असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर देश के सबसे बड़े पुल ढोला-सादिया का उद्घाटन किया है। इसके बाद से ही चीन के तेवर बदल गए थे। पहले यात्रा के लिए 8 जत्थों को अनुमति थी लेकिन चीन ने इसे घटाकर 7 कर दिया। अब नाथू-ला के जरिए जाने वालें जत्थों को लौटा दिए जाने पर साफ दिख रहा है कि बौखलाया चीन यात्रा पर अड़गा लगा सकता है।