चीन से गलवान झड़प पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि चीन कई वर्षों से LAC पर यथास्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा है। वे इसे बहुत छोटे-छोटे चरणों में कर रहे हैं, लेकिन समय के साथ-साथ, वे काफी आगे बढ़ गए हैं। उनकी ये रणनीति है जो उन्होंने अपनाई है और वे इसे जारी रख रहे हैं।
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) ने कहा कि हम हमेशा PP15 तक पेट्रोलिंग करते रहे हैं, लेकिन वे हमें हमारे पारंपरिक पेट्रोलिंग पॉइंट तक जाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह अस्वीकार्य था। हमें रोकने के लिए उन्होंने छोटी चौकी स्थापित की थी, हमने इसपर जोरदार आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि वे अड़े थे कि वे वापस नहीं जाएंगे, इसलिए हमें और अधिक मुखर होना पड़ा और वे भी अतिरिक्त बल के साथ आए। PP15 से हमारी तरफ के इलाके में पूरी झड़प हुई लेकिन हम यह सुनिश्चित करने में सक्षम रहे कि वे वापस जाएं।
जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) ने कहा कि हमारे सैनिक बहुत संयम रखते हैं, उकसावे पर गोली नहीं चलानी होती। हम समझौते का पालन करते हैं। लेकिन जब (गलवान में) PLA के द्वारा उल्लंघन किया जा रहा था तो हमने कहा कि अगर वे उल्लंघन कर रहे हैं तो आपको आत्मरक्षा में कार्रवाई करने की स्वतंत्रता है। पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि कई दौर की बातचीत के बाद, अप्रैल 2020 से पहले की यथास्थिति बहाल कर दी गई।
बालाकोट स्ट्राइक पर पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि हमने बताया है कि यदि आप हमारे साथ कुछ करते हैं, तो हम इसका जवाब देंगे और ये उससे ज्यादा भयानक होगा। यही संदेश दिया गया। हमने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद का कोई भी स्वरूप हमारे लिए अस्वीकार्य है। इतने सालों से हमारा यही रुख रहा है। हम हमेशा आतंक और आतंकवाद के खिलाफ रहे हैं। एक अच्छा आतंकवादी और एक बुरा आतंकवादी जैसा कुछ नहीं होता। यदि कोई राष्ट्र ऐसा मानता है तो यह उनके अंत जैसा है, क्योंकि वही आतंकवादी उन्हें डसने के लिए वापस आएंगे जैसा कि अभी हो रहा है।