इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि भारत में चीन के राजदूत ने कहा है कि चीन और भारत के बीच डोकलाम में स्थिति काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि चीन कोई समझौता नहीं करेगा और भारत को पीछे हटना चाहिए।
उन्होंने कहा है कि गेंद अब भारत के पाले में है। भारत में चीन के राजदूत लूओ जाओहुई ने कहा कि भारत की सरकार को तय करना है कि तनाव को सुलझाने के लिए मेज पर क्या विकल्प रखे जाएं।
चीनी मीडिया में विशेषज्ञों के हवाले से कहा जा रहा है कि अगर सही तरीके से इस तनावपूर्ण स्थिति को नहीं सुलझाया गया तो युद्ध हो सकता है। इस पर चीनी राजदूत ने कहा कि कई तरह के विकल्पों की चर्चा हो रही है, अब भारत की सरकार की नीतियों पर निर्भर करता है कि वो कैसे सैन्य समाधान का सहारा लेती है।
उन्होंने कहा कि चीन इस स्थिति का शांतिपूर्ण हल चाहता है, लेकिन इसके लिए शर्त है कि भारत को अपने सैनिक वापस बुलाने होंगे।
पिछले कई दिनों से सिक्किम के पास डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन की सेना के बीच तनातनी जारी है।