भारत हर साल चीन से 74 अरब डॉलर का आयात करता है। लद्दाख की गलवां घाटी में जब चीन अपनी हरकत से बाज नहीं आया तो सबसे पहली चोट 'आयात' पर की गई। इससे पहले चीन के 59 एप जो भारतीय बाजार में धमाल मचाए हुए थे, उन पर बैन लगा दिया। देखते-देखते बैन का यह सिलसिला केंद्रीय मंत्रालयों से होते हुए छोटी दुकानों तक जा पहुंचा। भाजपा शासित कई राज्यों ने भी चीन के प्रोजेक्ट पर बैन लगाने की घोषणा कर दी।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी द्वारा 5 जुलाई जारी बयान में बैन का असर साफ दिख रहा था। वांग ने कहा, दोनों पक्ष अपने द्विपक्षीय संबंधों पर ध्यान दें। एक दूसरे के लिए खतरा पैदा करने की बजाय विकास के अवसर प्रदान करें। भारत, चीन के साथ काम करेगा, इस मुद्दे पर जनमत का सही दिशा में मार्गदर्शन करे। उनका यह इशारा 'बैन और बहिष्कार' को लेकर था।
वांग यी ने कहा कि यह वर्ष चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। दोनों देशों ने कड़ी मेहनत से प्रगति की है।