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एनएसजी में विरोध करने वाले चीन ने अब भारत से मांगी मदद

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परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के शामिल होने का विरोध करने वाला चीन अब भारत से ही मदद की गुहार लगा रहा है। चीनी सरकार भारत से अपील करने की तैयारी में है कि वह दक्षिण चीन सागर विवाद  (एससीएस) का मुद्दा जी-20 समिट में न उठाए और न ही उन देशों का साथ दे, जो इस मुद्दे को उठाएंगे। इसके लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी 12 अगस्त से भारत के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं।
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चीन के व्हांगझू प्रांत में चार-पांच सितंबर को जी-20 समिट का आयोजन होना है। चीन को डर है कि अमेरिका समेत अन्य देश यहां दक्षिण चीन सागर के विवाद का मुद्दा उठा सकते हैं और उस पर इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए निर्णय को मानने का दबाव बना सकते हैं।

ट्रिब्यूनल एससीएस पर चीन के एकाधिकार के दावे को खारिज कर चुका है। जी-20 समिट में उसकी किरकिरी न हो, इसके लिए वह भारत से मदद मांग रहा है। 12 अगस्त को भारत के दौरे पर पहुंच रहे चीनी विदेश मंत्री वांग यी इसी संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर सकते हैं।
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वांग यी की कोशिश रहेगी कि वह पीएम मोदी को समिट में उन देशों का साथ न देने के लिए तैयार करें, जो एससीएस विवाद का मुद्दा उठाएंगे। हाल ही में चीन ने आसियान देशों को भी इस मुद्दे पर चर्चा न करने के लिए तैयार किया था। जी-20 में भी यह मुद्दा न उठे, इसलिए चीन अब भारत का सहारा लेना चाहता है।
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एससीएस को लेकर दबाव में है चीन 

दक्षिण चीन सागर पर चीन के एकाधिकार के दावे को अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने खारिज कर दिया है। हालांकि चीन ने इस निर्णय को मानने से इनकार कर किया है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तरफ से उस पर दबाव है कि वह इस फैसले को माने और एससीएस विवाद को खत्म करे।

भारत के रुख से चिंतित है चीन 
दरअसल भारत अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल का फैसला आने के बाद इस विवाद को लेकर अपनी नपी-तुली प्रतिक्रिया दे चुका है। भारत ने इस विवाद से जुड़ी सभी पार्टियों को आपस में समन्वय कर विवाद सुलझाने का सुझाव दिया था। भारत के इस रुख से चीन चिंतित है। उसे चिंता है कि कहीं भारत भी जी20 समिट में इस मुद्दे को न उठाए।   

दक्षिण चीन सागर में चीन ने भेजे लड़ाकू विमान 
इस बीच, चीन ने दक्षिण चीन सागर की निगरानी करने के लिए यहां अपने लड़ाकू विमान भेजे हैं। चीनी वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि सागर पर भेजे गए विमानों में एच-6 और सु-30 लड़ाकू विमान शामिल हैं। दरअसल चीन 18 जुलाई से यहां पैट्रोलिंग कर रहा है। 


ईस्ट चाइना सी में चीन की मौजूदगी पर जापान ने जताया विरोध 
ईस्ट चाइना सी में छह चीनी तटरक्षक जहाजों के नजर आने के बाद जापान ने इसके खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया है। जापान ने चीन के राजनयिकों को तलब कर उनके सामने सागर में चीन की मौजूदगी को लेकर विरोध जताया। जापान के विदेश मंत्री ने बताया कि चीनी तटरक्षक बलों के अलावा सागर में 230 चीनी मछुआरों की नौकाएं भी आईं थीं।
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