राज्य के तुतिंग क्षेत्र में दिसंबर के अंतिम सप्ताह में चीन की रोड बनाने वाली टीम करीब एक किलोमीटर तक अंदर घुस आईं थी। भारतीय सेना की तरफ से गतिविधि रोकने की बात कहने पर रोड निर्माण टीम लौटी थी। ये लोग अपने साथ दो जमीन खोदने वाली मशीन भी ले कर आए थे। जिसे बाद में उन्हें लौटा दिया गया।
भारत ने युद्धाभ्यास में की बढ़ोतरी
सूत्रों का कहना है कि दोकलम विवाद के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारत की तरफ से युद्धाभ्यास ड्रिल्स में बढ़ोतरी कर दी गई है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।'
भारतीय सेना ने कहा कि हमारे सैनिक उस इलाके में गश्त करते रहेंगे। सेना ने कहा कि हमें भारत और चीन के बीच वास्तविक सीमा रेखा के बारे में पूरी जानकारी है। हम दोनों देशों की सीमा को समझते हैं। इस इलाके में चीन और भारत के बीच अपनी सीमाओं को लेकर मतभेद हैं।
सूत्रों ने कहा कि चीनी सेना विशेषतौर पर आसफिला सेक्टर में 21, 22 और 23 दिसंबर को हुई भारी पट्रोलिंग को लेकर आपत्ति जताई। इसके बाद चीन और भारत के सैनिकों ने सीमा पर तनाव की स्थिति से निपटने के लिए मीटिंग बुलाई।
चीन और भारत के बीच 5 बॉर्डर पर्सनेल मीटिंग पॉइंट्स हैं- अरुणाचल प्रदेश में बम ला और किबिथू, लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी और चुशुल और सिक्किम में नाथू ला।