चीन के रक्षा मंत्री वाई फेंगही चार दिनों की यात्रा पर मंगलवार को यहां पहुंच रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच विश्वास बहाली और करीब 3500 किलोमीटर भारत-चीन सीमा की सुरक्षा के लिए संभावना तलाशने पर बातचीत होगी।
अधिकारियों के मुताबिक चीनी रक्षा मंत्री की यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अप्रैल में वुहान में हुई अनौपचारिक बैठक में लिए गए फैसलों को लागू करने के लिए बातचीत करना है।
वुहान बैठक में मोदी और शी ने द्विपक्षीय रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत करने और सीमा पर अपनी-अपनी सेनाओं को आपस में तालमेल मजबूत करने के निर्देश दिए थे। दोनों नेताओं ने यह फैसला इसलिए किया था, क्योंकि दोकलम में दोनों देशों की सेनाओं में गंभीर तनातनी के बीच परमाणु संपन्न पड़ोसियों में युद्ध का खतरा मंडराने लगा था।
सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को मजबूती देने और भविष्य में दोकलम जैसे हालात से बचने के लिए वुहान के फैसले को लागू करने के लिए दोनों पक्ष विचार करेगा। इस दौरान चीन के रक्षा मंत्री का प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत का कार्यक्रम है।