कृत्रिम झील के निर्माण के कारण तिब्बत में यार्लंग त्संग्पो नदी की मुख्य धारा को रोक दिया गया था। असम में मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश से सटी सीमा पर अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया था।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि 20 अक्तूबर से उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति सामान्य होने लगी थी। उन्होंने कहा कि हम भूस्खलन की स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और भारत के साथ हर जानकारी साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीन के हाइड्रोलॉजिक विभाग ने भूस्खलन के तुरंत बाद भारत को स्थिति के बारे में बता दिया था।
यार्लंग त्संग्पो नदी को भारत में प्रवेश करने के बाद अरुणाचल में सियांग नदी कहा जाता है और जब वह असम में प्रवेश करती है तो उसे ब्रह्मपुत्र के नाम से जाना जाता है। चीन द्वारा जारी किए गए बयान में यह भी कहा कि वह आगे भी बाढ़ संबंधी जानकारियां भारत के साथ साझा करता रहेगा।