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आतंकी मसूद पर चीन ने फिर लगाया अड़ंगा

Sat, 31 Dec 2016 03:30 AM IST
एजेंसी/ बीजिंग
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मसूद अजहर
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चीन ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने की भारत की कोशिशों पर एक बार फिर से पानी फेर दिया है। ड्रैगन ने कहा कि भारत को मसूद को वैश्विक आतंकी के रूप में सूचीबद्ध कराने को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पालन करना चाहिए। इससे पहले चीन कई बार मसूद को यूएन की प्रतिबंधित सूची में शामिल कराने की भारत की कोशिशों पर अड़ंगा लगा चुका है। 
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पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मसूद को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित कराने की भारत की अर्जी पर चीन के तकनीकी अड़ंगे की अवधि शनिवार को समाप्त हो रही है, जिससे पहले ड्रैगन का यह कदम सामने आया है।

चीन ने विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘जब भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 1267 का सूचीबद्ध मामला आया है, मैंने बार-बार कहा है कि हमारा मानना है कि उसे प्रासंगिक सुरक्षा परिषद प्रस्तावों और समिति की प्रक्रिया-नियमावली का पालन करना चाहिए।’ हालांकि हुआ ने यह भी कहा कि चीन अपने तकनीकी अड़ंगे के समापन के बाद क्या करेगा, इस बारे में उन्हें चीजों की पुष्टि करनी होगी। 
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उन्होंने पठानकोट आतंकवादी हमला मामले में अजहर के खिलाफ भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा आरोपपत्र दायर करने पर अपनी प्रतिक्रिया में दो दिसंबर को भी यही जवाब दिया था। हुआ ने कहा, ‘1267 समिति में सूचीबद्धता संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों और समिति की प्रक्रिया-नियमावली के अनुरूप हो।’ 

मालूम हो कि सुरक्षा परिषद में वीटो की ताकत रखने वाले चीन ने छह माह के स्थगन के साथ भारत के कदम में अड़ंगा लगा दिया था। इसके बाद इस स्थगन को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।
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मसूद पर चीन के फैसले की भारत ने की आलोचना  

चीन और भारत
भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन के जैश ए मोहम्मद के आका मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के भारत की मांग पर एक बार फिर अड़ंगा डालने पर चीन की आलोचना की है। भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से वाकिफ है। 
संयुक्त राष्ट्र इस संगठन को पहले ही प्रतिबंधित कर चुका है। यह संगठन पठानकोट एयर बेस समेत भारत पर कई हमलों के लिए जिम्मेदार हैं। ऐसे में इस संगठन के प्रमुख को वैश्विक आतंकी घोषित करने पर चीन के अड़ंगे से बीजिंग के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय प्र्रतिबद्धता में कमी को दर्शाता है। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘ संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी सूची में नहीं डालना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की असमर्थता को दर्शाता है। इससे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड की पुष्टि होती है। 

इस मामले में बीजिंग का अड़ंगा लगाना चौंकाने वाला है जबकि चीन खुद आतंकवाद से प्रभावित है और वह पहले ही आतंकवाद के सभी प्रारूपों को कड़ा विरोध कर चुका है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद खुद के द्वारा सूचीबद्ध आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के प्रमुख को वैश्विक आतंकी घोषित करने से फिर रोक रहा है। 

हमें उम्मीद है कि चीन सभी प्रकार के आतंकवाद के खतरे को समझेगा और आतंकवाद से निपटने की मुहिम में वह भारत और अन्य देशों के साथ खड़ा होगा। चीन को एक जवाबदेह राष्ट्र की तरह से संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी सूची में शामिल करने पर अपनी मुहर लगानी चाहिए।’
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भारत को फिर देना पड़ सकता है आवेदन

- फोटो : Getty
अधिकारियों का कहना है कि भारत को अपने विषय पर दबाव बनाने के लिए आरोपपत्र के ब्योरे के साथ 1267 समिति में फिर आवेदन देना पड़ सकता है क्योंकि उसके वर्तमान आवेदन की अवधि चीन के तकनीकी स्थगनों के कारण समाप्त हो जाएगी।

भारत के एनएसजी से जुड़ने पर चल रही वार्ता
दोनों ही देश इस मुद्दे पर तथा परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) से जुड़ने के भारत के आवेदन पर बातचीत कर रहे हैं। इस वार्ता में अब तक कोई बात नहीं बनी है क्योंकि चीन ने 12 दिसंबर को कहा था कि इन दोनों मसलों पर उसका रुख नहीं बदला है।

2001 में जैश पर रोक लगा चुका है संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र ने 2001 में जैश ए मोहम्मद पर रोक लगा दी थी लेकिन 2008 के मुंबई हमले के बाद अजहर पर पाबंदी की भारत की कोशिश सफल नहीं हुई क्योंकि चीन ने संभवत: पाकिस्तान के इशारे पर पाबंदी लगने नहीं दी।

भारत के साथ हैं अन्य 14 सदस्य, विरोध में केवल चीन
15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में चीन 1267 पाबंदी सूची में अजहर को डालने के भारत के आवेदन पर स्थगन लगाने वाला एकमात्र सदस्य देश है जबकि अन्य 14 सदस्य भारत के पक्ष में हैं। इस सूची में अजहर के आ जाने से उसे संपत्ति पर रोक और यात्रा पर रोक से गुजरना पड़ेगा। 
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