व्यापार सुधार के संबंध में भारत द्वारा उठाए गए कदमों से बौखलाए चीन ने मंगलवार को भारत पर व्यापार सुधार के उपायों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। चीन ने कहा कि भारत को चाहिए वह व्यापार संबंधी विवादों को बातचीत के माध्यम से हल करे।
चीन, मलेशिया और ताइवान से आयातित किए जाने वाले फोटोवोल्टिक सेल्स की जांच के लिए भारत ने एंटी-डंपिंग की कार्रवाई शुरू की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के वाणिज्य मंत्रालय के व्यापार सुधार और जांच ब्यूरो के प्रमुख वांग हेजुन ने कहा कि चीन इस जांच पर कड़ी नजर बनाए हुए है
और उम्मीद करता है कि भारत इसे प्रासंगिक नियमों के अनुसार विवेकपूर्ण ढंग से करेगा। वांग के हवाले से चीन की सरकारी शिंहुआ न्यूज एजेंसी ने कहा कि भारत को व्यापार सुधारों का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीद है दोनों देश व्यापार विवादों को आपसी सहमति से तय कर लेंगे।
वांग की यह टिप्पणी वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण की शंघाई यात्रा से पहले आई है। वाणिज्य मंत्री 1-2 अगस्त को शंघाई में होने वाले ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगी। इस बैठक में ई-वाणिज्य सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
वांग ने कहा कि फोटोवोल्टिक उत्पादों के व्यापार के लिए प्रतिबंधात्मक उपायों को अपनाने से न केवल भारत में फोटोवोल्टिक क्षेत्र के विकास को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि चीन और भारत के बीच वैश्विक स्तर पर दीर्घकालिक विकास के साथ-साथ आर्थिक और व्यापार सहयोग भी कम होगा।