मीना (बदला हुआ नाम)
उम्र- 13 वर्ष
मामला- मां और बेटी के साथ हाइवे पर हुआ गैंग रेप
मेरे साथ और मेरी मां के साथ बलात्कार हुआ लेकिन समाज ने हमें सपोर्ट करने की जगह हमारे साथ और भी बुरा व्यवहार किया। इतना परेशान की मुझे स्कूल तक छोड़ना पड़ा। मुझे पता है कई रेप विक्टिम लड़कियां इंसाफ के इंतजार में कोर्ट के चक्कर लगा रहीं है और पूरी जिंदगी चक्कर लगाती रहेंगी लेकिन उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा।
मैं जानती हूं कि मेरे पिता भी यूंही कोर्ट और वकीलों के चक्कर लगाते रहेंगे लेकिन इंसाफ नहीं मिलेगा। मैं पढ़ना चाहती हूं। मैं खूब पढ़ना चाहती हूं और पढ़कर आईपीएस अधिकारी बनूंगी फिर अपनी इंसाफ की लड़ाई लड़ूगीं।
मुझे नहीं पता कि मेरी क्या गलती थी। अक्सर लड़कियों के पहनावे को लेकर बात की जाती है। दीदी, मैंने और मां ने, हम दोनों ने पूरे कपड़े पहने थे। हम कहीं से भी भड़काऊ नहीं लग रहे थे। फिर भी हमारे फिर हमारे साथ ऐसा हुआ क्यों?