सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि यौन उत्पीड़न और एसिड अटैक पीड़िताओं के मुआवजे को लेकर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रस्तावित स्कीम में बच्चों को भी शामिल किया जाए। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस योजना में मामूली बदलाव लाकर पीड़ितों में बच्चों को भी शामिल किया जा सकता है। पीठ ने अमाइकस क्यूरी वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह को इस पर राय देने को कहा है।
प्रस्तावित योजना के मुताबिक, गैंगरेप पीड़िता को कम से कम पांच लाख और अधिकतम 10 लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को न्यूनतम चार लाख और अधिकतम सात लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए।