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सरकारी स्कूलों के बच्चों को फ्री में मिलेंगे जूते !, बाल आयोग ने की सिफारिश

Thu, 11 Oct 2018 09:17 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली 
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राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग ने सिफारिश की है कि शिक्षा के अधिकार के तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को मुफ्त में जूते उपलब्ध कराए जाएं। आयोग का कहना है कि आरटीई एक्ट में प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश लेने वाले छात्रों पर भी यह नियम लागू हो। बाल आयोग का कहना है कि बच्चों के लिए यह जरूरी है कि वे जूते पहनें।
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बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की हालिया हुई बैठक में इस मुद्दे पर गहन चर्चा की गई। बैठक के बाद आयोग ने सिफारिश की कि प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को जूते मुफ्त में उपलब्ध कराए जाएं। अभी तक शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्रथामिक कक्षाओं के स्कूली बच्चों को मुफ्त में यूनिफॉर्म दिए जाने का प्रावधान है, जिसमें जूते शामिल नहीं होते हैं।

आयोग के सूत्रों का कहना है कि देश में मौसम के बदलते हालातों के अलावा बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान रखते हुए, उनके लिए जूते पहनना अनिवार्य हो जाता है। आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भी पत्र लिखकर कहा है कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत बच्चों को मुफ्त में जूते उपलब्ध कराने का प्रावधान बनाया जाए।
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वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरटीई एक्ट के तहत होने वाली शिकायतों के निस्तारण के दौरान किए जाने वाले दौरों में बच्चों ने बातचीत में जूतों की मांग को कई बार उठाया। उनकी शिकायत थी कि स्कूल उन्हें यूनिफॉर्म के साथ जूते उपलब्ध नहीं करा रहा है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में इस पर भी सहमति जताई गई कि अगर राज्य सरकारें आयोग की सिफारिशों का उचित तरीके से क्रियान्वयन नहीं करती हैं, तो जरूरत पड़ने पर आयोग सुप्रीम कोर्ट का भी रुख कर सकता है।
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