फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bengaluru Stampede: 'महिला ने बिना पोस्टमॉर्टम के बेटे का शव मांगा', भगदड़ को याद कर भावुक हुए डीके शिवकुमार

Thu, 05 Jun 2025 12:36 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

बंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ में सभी पीड़ित 40 साल से कम उम्र के बताए जा रहे हैं। इनमें सबसे कम उम्र का एक 13 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। जान गंवाने वालों में तीन की उम्र 20 साल से कम और छह की 20-30 वर्ष आयु के बीच बताई जा रही है।
विज्ञापन
बंगलूरू में भगदड़ - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बंगलूरू भगदड़ के बाद मीडिया को संबोधित करने के लिए बाहर आए तो भावुक हो गए। शिवकुमार घटना को याद कर अपने आंसू नहीं रोक पाए और बिलख पड़े। उन्होंने कहा कि हादसे में बच्चों की भी जान गई है। इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती। बीते दिन भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 

विज्ञापन


शिवकुमार ने नम आंखों और रुंधे हुए गले के साथ संवाददाताओं से कहा कि एक मां ने मुझसे अनुरोध किया कि मैं अपने बेटे का शव पोस्टमॉर्टम कराए बिना दे दूं, लेकिन यह एक कानूनी प्रक्रिया थी। उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में जीत का जश्न मनाने की अनुमति किसने दी, क्योंकि जवाबदेही तय की जाएगी और पूरी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। हम इस अनहोनी पर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे के खिलाफ हैं। हम राजनीति नहीं करना चाहते।

यह भी पढ़ें
Bengaluru Stampede: मातम में बदला आईपीएल चैंपियन RCB की जीत का जश्न; जमीन पर गिरते रहे लोग, गूंजती रही चीखें 
विज्ञापन

Bengaluru: 'हमने आरसीबी या केसीए से अनुरोध नहीं किया, वे ही टीम लेकर बंगलूरू आए', कर्नाटक सरकार ने झाड़ा पल्ला

शिवकुमार ने माफी मांगी
इससे पहले बुधवार को घटना के तुरंत बाद शिवकुमार ने माफी मांगी और कहा कि 35,000 लोगों की क्षमता वाला स्टेडियम इतनी बड़ी भीड़ को संभाल नहीं सका। हालांकि, कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के अनुसार भीड़ का आकार कल के अनुमान से कहीं अधिक था। राज्य के गृह मंत्री ने आज दोपहर कहा कि करीब आठ लाख लोग आए थे।
विज्ञापन


10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा
कर्नाटक सरकार ने भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की मजिस्ट्रेट जांच की भी घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं इस घटना का बचाव नहीं करना चाहता। हमारी सरकार इस पर राजनीति नहीं करेगी। मैंने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और 15 दिन का समय दिया है। लोगों ने स्टेडियम के गेट भी तोड़ दिए। भगदड़ मच गई। किसी को भी इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी।'

भाजपा ने कर्नाटक सरकार की आलोचना
भाजपा ने कर्नाटक सरकार की आलोचना की कि उसने इतनी भीड़ का अनुमान नहीं लगाया। कांग्रेस के कई नेता इस बार आरसीबी की संभावित जीत के बारे में बात कर रहे थे। कार्यक्रम से पहले ही जश्न का माहौल था। इससे यह संकेत मिल रहा था कि भारी भीड़ उमड़ेगी। केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने शिवकुमार के इस्तीफे की मांग की और भगदड़ की जांच के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित करने का आह्वान किया। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें