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Supreme Court: दिल्ली में बच्चों की तस्करी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा – स्थिति बद से बदतर होती जा रही है

Mon, 21 Apr 2025 02:25 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में बच्चों की तस्करी के बढ़ते मामले के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इसके तहत कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को गिरोह की सरगना पूजा और तीन लापता बच्चों को ढूंढने के लिए हर जरूरी कदम उठाने का आदेश दिया। साथ की कोर्ट ने कहा कि राजधानी में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली के द्वारका इलाके में नवजात शिशुओं की तस्करी के मामले में सख्त रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि राजधानी में हालात बद से बदतर" होते जा रहे हैं। साथ ही कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को गिरोह की सरगना पूजा और तीन लापता बच्चों को ढूंढने के लिए हर जरूरी कदम उठाने का आदेश दिया।

बता दें कि मामले में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और आर महादेवन की पीठ ने मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी से सीधे बातचीत की। अदालत ने कहा, "आपको किसी भी कीमत पर इन बच्चों को ढूंढना होगा।

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मामले में पीठ ने जताई चिंता
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते मामले को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ मामलों में माता-पिता खुद अपने बच्चों को बेच रहे हैं, जो बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में बच्चे कहां जाते हैं, इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता।

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तस्करी मामले में कोर्ट का अहम निर्देश
इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि देश में बच्चों की तस्करी तेजी से बढ़ रही है, और इसके तरीके अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से यह भी कहा कि तस्करी के शिकार बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए और उन्हें लगातार मदद मिलती रहे।

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अब चार हफ्ते बाद होगी अगली सुनवाई

अब इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी, जिसमें पुलिस को अपनी कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। गौरतलब है कि इससे पहले 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एक और बाल तस्करी केस में 13 आरोपियों की ज़मानत रद्द कर दी थी। साथ ही कहा था कि न्याय और समाज की सुरक्षा को कमजोर नहीं होने दिया जा सकता। हालांकि यह मामला दिखाता है कि देश में बच्चों की तस्करी एक गंभीर और बढ़ती हुई समस्या है, जिसे रोकने के लिए तगड़ी कार्रवाई की जरूरत है।

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