बाल विवाह कानूनन अपराध है लेकिन फिर भी हर साल कई मामले इस कुरीति की सार्थकता को साबित करते आए हैं। हालिया मामला तिरुचिरापल्ली के मुसिरी शहर के पास एक गांव का है जहां 39 वर्षीय व्यक्ति की शादी मात्र नौ साल की बच्ची से हो रही थी। पुलिस ने इस पर तेजी दिखाते हुए बच्ची को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया है।
एक बच्ची जिसने
किशोरावस्था की दहलीज पर कदम भी नहीं रखा उसकी शादी अधेड़ उम्र के व्यक्ति से हो रही थी। इस मामले की सूचना पुलिस को एक अनजान कॉल के द्वारा दी गई। सूचना देने वाले ने पुलिस को बताया कि एक चौथी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची की शादी 39 वर्षीय व्यक्ति से होने वाली है।
पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बच्ची को गांव में जाकर बचाया और उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया। सीडब्ल्यूसी ने अपनी जांच में पुष्टि की कि छोटी लड़की से शादी करने की व्यवस्था चल रही थी। कमेटी ने बताया कि, 'प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला है कि शादी के लिए एक प्रस्ताव था जिसमें नौ साल की बच्ची की शादी 39 वर्षीय व्यक्ति के साथ हो रही थी। फिलहाल बच्ची को हमारी देखभाल के तहत रखा जा रहा है। हम इस संबंध में रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं जिसके बाद हम उसके भविष्य पर निर्णय लेंगे।'
हालांकि, ग्रामीणों के साथ पुलिस की जांच से पता चला है कि उनके परिवार में
बाल विवाह एक आम बात है। बच्ची की शादी कम उम्र में ही तय कर दी जाती है लेकिन उसकी शादी तभी होती है जब वह किशोरावस्था में कदम रख लेती है। इस जिले की समाज कल्याण अधिकारी एस ऊषा ने कहा कि, ट्रिची में इस तरह के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं।