देश के 11 सरकारी बैंकों के प्रमुख धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों और बैड लोन की बढ़ती समस्या के बारे में जानकारी देने के लिए मंगलवार को संसदीय समिति के सामने पेश होंगे। यह जानकारी सूत्रों ने दी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं सांसद एम वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली वित्त मामलों पर स्थायी समिति भारत में बैंकिंग सेक्टर-मुद्दे, चुनौतियां और आगे का रास्ता को देख रही है। इसमें बैंकों और वित्तीय संस्थानों में एनपीए का मामला भी शामिल है।
सूत्रों ने बताया कि आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, देना बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कारपोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक के शीर्ष अधिकारी पैनल के सामने प्रेजेंटेशन और सवालों के जवाब देंगे।
बैंकिंग सेक्टर में लगातार एनपीए बढ़ता जा रहा है। यह दिसंबर 2017 के अंत तक 8.99 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इसमें से सरकारी बैंकों का कुल एनपीए 7.77 लाख करोड़ है। साथ ही बैंकों में धोखाधड़ी के बढ़ रहे मामले भी चिंता उत्पन्न कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2015-16 में धोखाधड़ी के 4693 मामले सामने आए थे जोकि 2017-18 में बढ़कर 5904 हो गए।
मार्च 2018 के अंत तक धोखाधड़ी के मामलों में कुल रकम 32361.27 करोड़ पहुंच गई जोकि 2015-16 के अंत में 18698.8 करोड़ रुपये थी। इस महीने की शुरुआत में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने संसदीय समिति के सदस्यों के सवालों के जवाब दिए थे।