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मुख्य सचिव मारपीट मामले पर बोली दिल्ली पुलिस, 13 लोगों ने एक आदमी को घेर लिया था

Sun, 26 Aug 2018 09:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डिप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के अन्य विधायकों ने कथित तौर पर 19 फरवरी की रात मुख्य सचिव के साथ मारपीट की। पुलिस ने कहा कि 13 लोगों ने एक आदमी को घेर लिया था।  

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अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने अदालत में पुलिस से 13 अगस्त को दाखिल की गई चार्टशीट में विभिन्न धाराओं के बारे में पूछा। उन्होंने पूछा कि किन कारणों से सीएम समेत 13 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 34, 149 और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है।   

आईपीसी के तहत 13 आप नेताओं पर 13 विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। जिसमें आपराधिक धमकी, सरकारी कर्मचारी पर हमला आदि भी शामिल है। जानकारी के लिए बता दें 1300 पेज की चार्जशीट दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की थी। चार्टशीट में आप नेताओं पर गलत तरीके से मुख्य सचिव को बंधक बनाने, अपमान करने और अपराध के लिए उकसाने के आरोप भी लगे हैं।  
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कोर्ट में पुलिस की ओर से कहा गया है कि जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त 13 लोगों ने एक अकेले आदमी को घेरा हुआ था। इससे साफ पता चलता है कि यह एक सोची समझी साजिश थी। पुलिस ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार घटना से करीब डेढ़ महीने पहले घर-घर तक राशन कार्ड पहुंचाने की कोशिश कर रही थी। इसके लिए वह बहुत सी बैठकें भी कर रही थी। हालांकि जब नौकरशाहों से मनमुटाव के कारण काम पूरा नहीं हुआ तो उन्होंने मुख्य सचिव पर दबाव बनाने की कोशिश की।

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पूर्व विधायक संजीव झा ने आरोपों को बताया गलत

उन्होंने सोचा कि जब योजना पूरी नहीं हुई है तो सभी नौकरशाहों के बॉस (मुख्य सचिव) को बुलाएं और काम पूरा करने के लिए उनपर दबाव बनाएं।

कोर्ट ने शनिवार को दिल्ली पुलिस से पूछा कि क्यों और किन कारणों से पार्टी के नेताओं पर ये आरोप लगे हैं। कोर्ट के सवाल का जवाब देते हुए एडिशनल डीसीपी हरेंद्र सिंह ने कहा कि बैठक रात को रखी गई थी और सभी विधायकों को वहां निजी तौर पर बुलाया गया था। बैठक का समय पहले से ही तय था। क्या वजह थी कि आधी रात को बैठक रखी गई। इससे पहले तो इन विधायकों को कभी देर रात नहीं बुलाया गया। इसकी केवल एक ही मंशा थी, मुख्य सचिव पर काम पूरा करने का दबाव बनाने की। अब मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।

ये था पूरा मामला

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश 19 फरवरी की देर रात सीएम आवास में बैठक के लिए गए थे। उन्होंने इसके बाद आरोप लगाया कि केजरीवाल के सामने ही आम आदमी पार्टी के विधायकों ने उनके साथ मारपीट की। वहीं केजरीवाल के घर पर हुए इस हंगामें के दौरान वहां मौजूद रहे पूर्व विधायक संजीव झा ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि महज 3 मिनट में उनके साथ मारपीट कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि बातचीत राशन के मसले पर शुरू हुई थी लेकिन मुख्य सचिव ने उनकी बात सुनने की बजाय कहा कि वह उनके प्रति जवाबदेही नहीं हैं। 
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