चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने रक्षा मामलों पर बनी संसद की स्थायी समिति को भरोसा दिलाया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अगर कोई आपात स्थिति पैदा होती है तो सेना के पास 10 महीने का पर्याप्त राशन है। उन्होंने कहा, सीमा पर तैनात जवानों यहां तक कि अतिरिक्त जवानों के लिए भी राशन का पर्याप्त भंडार है।
सूत्रों ने बताया कि इस मुलाकात में राशन और हथियारों की गुणवत्ता पर चर्चा की गई। समिति में शामिल एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने समिति के चेयरमैन जुआल ओराम से कहा कि एलएसी पर मौजूदा हालात के बारे में सदस्यों को रूबरू कराया जाए। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सैन्य अधिकारियों और जवानों के खान-पान की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, सीनियरों की तरह ही जवानों को भी ब्रेड क्यों नहीं दिया जाता है।
राहुल को जवाब, जवानों को घटिया खाना दिए जाने की बात बकवास
वहीं, समिति के एक और सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीपी वत्स ने कहा, कांग्रेस जानबूझकर संसद की ओर से पुष्टि किए जाने से पहले ही बैठक में हुई चर्चा का ब्योरा लीक कर देती है। पहली बार समिति की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मैं राहुल गांधी का स्वागत करता हूं।
राज्यसभा सांसद वत्स ने कहा, सैन्य कर्मचारियों को दिए जाने वाले खाने में अंतर इसलिए होता है कि हमारी सेना अभी भी ब्रिटिश सेना के पदचिन्हों पर चल रही है। आजाद भारत से पहले के दौर में ब्रिटिश ब्रेड खाते थे और उस वक्त वे सेना में शीर्ष पदों पर थे और इसके बाद यह सिलसिला कायम रहा।
सेना के जवानों को घटिया खाने की बात पूरी तरह से बकवास है। उन्होंने एलएसी पर हिंसा के बारे में कहा, सीमा पर अस्थायी तौर पर ऐसे मुद्दे आते रहते हैं। हमारी सेना फायदेमंद स्थिति में है।