केंद्र सरकार ने सशस्त्र बलों के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की खोज तेज कर दी है। इस बाबत थलसेना, नौसेना और वायुसेना से कमांडर इन चीफ रैंक के अधिकारियों की सूची मंगाई गई है। ऐसा माना जा रहा है कि इसी में से किसी एक को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाई गई कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल हैं। समिति ने अभी तक सीडीएस के चार्टर को परिभाषित नहीं किया है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि सीडीएस सरकार को सैन्य सलाह देगा। जैसा की के सुब्रमण्यम के नेतृत्व वाली कारगिल रिव्यू कमिटी में सुझाव दिया गया था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीनों सेनाओं ने कमांडर-इन-चीफ रैंक के अधिकारियों के नाम भारत सरकार को सौंप दिए हैं। इसके अलावा कार्यान्वयन समिति की रिपोर्ट भी पूरी हो गई है। जल्द ही सरकार द्वारा अंतिम रूप दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया के प्रारंभिक चरणों के दौरान इस प्रक्रिया में शामिल शीर्ष सरकारी अधिकारियों की सोच यह थी कि सीडीएस के पद के लिए नियुक्त होने वाला पहला व्यक्ति भारतीय सेना से होना चाहिए। अब इस पद के लिए तीनों सेनाओं में कमांडर इन चीफ पद पर कार्यरत अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है। अधिक संभावना है कि अगले माह तीनों सेनाओं में कार्यरत सबसे वरिष्ठ अधिकारी की इस पद पर नियुक्ति की घोषणा हो सकती है।