Andhra Pradesh CM YS Jagan Mohan Reddy
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने गोदावरी नदी पर पोलावरम बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधा है। पोलावरम पुनर्वास मुद्दे पर विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना को पिछड़ने के लिए पूर्व सरकार को दोषी ठहराया।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री 40 साल का राजनीति और मुख्यमंत्री के रूप में 14 साल का अनुभव होने का दावा करते है। उन्होंने कहा वह विधायक बनने के योग्य भी नहीं है। उचित योजना न बनाने की वजह से उन्होंने परियोजना को बड़ा नुकसान पहुंचाया। लेकिन अब वे परियोजना को पूरा करने में देरी के लिए हम पर आरोप लगा रहे हैं।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने 2016 में केंद्र द्वारा दिए गए विशेष वित्तीय पैकेज को आंख मूंदकर स्वीकार कर लिया था, जिसके कारण परियोजना की लागत 2011 की दरों के आधार पर तय की गई थी। उन्होंने कहा कि केंद्र ने यह कहते हुए कठोर रुख अपनाया है कि वह दरों में वृद्धि नहीं करेगा और वह पोलावरम पर राज्य सरकार द्वारा खर्च किए गए 2,900 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति भी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा केवल चंद्रबाबू की वजह से हुआ है।
मुख्यमंत्री ने मई 2019 और वर्तमान में परियोजना कार्यों की स्थिति पर सदन में स्लाइड शो प्रस्तुत किया। जिसके बाद रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू ने परियोजना को नष्ट कर दिया और अब हम इसकी मरम्मत के लिए मजबूर हैं। उन्होंने एक बंजर भूमि छोड़ दी जहां चैनल बनाया जाना था। दो बांधों में भारी अंतराल छोड़े गए थे और स्पिलवे भी अधूरा छोड़ दिया गया था। इसके कारण (गोदावरी) पानी के वेग से डायफ्राम की दीवार टूट गई, जो मुख्य बांध की कुंजी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब नुकसान की भरपाई करने और पोलावरम परियोजना को युद्धस्तर पर पूरा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मुआवजे को 6.86 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का वादा किया था। इसमें 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मुआवजे पर एक सरकारी आदेश 30 जून, 2021 को जारी कर दिया गया था।