सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर ने कानून मंत्रालय से ऐसे कामकाज से राहत देने के लिए आग्रह किया है, जिससे परहेज किया जा सकता हो। सीजेआई ने कानून मंत्रालय से इसके लिए तंत्र तैयार करने की गुजारिश भी की है। सरकार के विभागों द्वारा निर्णय लेने में उदासीनता और अक्षमता दिखाने की वजह से ‘अनावश्यक बोझ’ पैदा होता है।
सीजेआई ने सरकार को पूर्व न्यायाधीशों का ऐसा पैनल बनाने के लिए भी कहा है, जो यह तय करें कि अदालत के बाहर मामला सुलझाने की स्थिति में किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दायर नहीं किया जा सके। सीजेआई ने कहा, ‘मैंने कानून मंत्रालय से हम पर पड़ने वाले परहेज योग्य बोझ से राहत दिलाने के लिए तंत्र तैयार करने का आग्रह किया है।’
ठाकुर नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी के थीम गीत के लॉन्च कार्यक्रम में अपने विचार रख रहे थे। सीजेआई ने कुछ अनावश्यक मामलों का जिक्र किया जिसे अदालत में आने से पहले छांटा जा सकता था और प्रशासनिक स्तर पर सुलझाया जा सकता है।