सीजेआई एसए बोबडे ने वन्यजीवों के अवैध कारोबार को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इन गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, जानवरों का अवैध कारोबार करने वाले लोग हथियार और ड्रग्स के कारोबार जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में भी लिप्त हैं। सीजेआई ने इन लोगों के खिलाफ सीबीआई और ईडी से जांच कराने का सुझाव दिया।
असम की ज्यूडिशियल एकेडमी और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के एक आयोजन में सीजेआई ने कहा, वन्यजीवों को अवैध कारोबारियों के शिकंजे से बचाने के लिए कानून को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। यह बहुत ही खतरनाक है कि वन्यजीवों के अवैध कारोबार से आने वाले पैसे का इस्तेमाल ड्रग्स और हथियारों के गैरकानूनी धंधे में हो रहा है। उन्होंने कहा, प्रकृति आत्मनिर्भर प्रणाली का हिस्सा है और इसका संरक्षण बहुत जरूरी है।
हालांकि इसे बर्बाद करने का पूरा दोष मानव जाति को नहीं दिया जा सकता लेकिन फिर भी हमें इसके लिए खुद को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार मानना चाहिए। बोबडे ने कहा, जानवरों का हमारी सभ्यता को आगे लाने में अहम भूमिका निभाई है। सभ्यता का इतिहास मानव जाति और जानवरों के बीच संबंध का इतिहास है। बोबडे ने कहा, मशीनीकरण ने जानवरों के साथ हमारे रिश्तों को कमजोर किया है।
जानवरों पर निर्भरता कम होने से उनके संरक्षण करने की जरूरत को नजरंदाज किया जाने लगा जो कि गलत है। उन्होंने कहा हमें नई खोजों का इस्तेमाल सीमित कर देना चाहिए ताकि प्रकृति को बचाया जा सके।