सबरीमाला पर महिलाओं को दिया हक
चीफ जस्टिस गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने पिछले साल केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। पांच सदस्यीय पीठ के तीन जजों ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के हक में फैसला दिया था। इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है, जिसे अब संविधान पीठ के पास सुनवाई के लिए भेजा गया है।
केंद्र की मोदी सरकार को दी बड़ी राहत
चीफ जस्टिस गोगोई को लड़ाकू विमान राफेल की खरीद को लेकर मोदी सरकार को क्लीन चिट देने के लिए भी याद रखा जाएगा। विपक्ष ने इस रक्षा सौदे में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की थी, जिसे गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने खारिज कर दिया था। असम से ताल्लुक रखने वाले गोगोई ने 3 अक्तूबर, 2018 को देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी। उनका कार्यकाल 13 महीने का था।