Maharashtra: महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि 23 नवंबर को सभी 288 सीटों में वीवीपैट पर्चियों की गिनती की गई और कुल 1445 वीवीपैट पर्चियां गिनी गईं। इस प्रक्रिया के दौरान सभी पर्चियां ईवीएम के आंकड़ों से मेल खाती हुई पाई गईं
महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्येक सीट में पांच वीवीपैट पर्चियों की गिनती की जानी थी, ताकि इनकी संख्याओं का मिलान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के आंकड़ों से किया जा सके। उन्होंने बताया कि 23 नवंबर को सभी 288 सीटों में वीवीपैट पर्चियों की गिनती की गई और कुल 1445 वीवीपैट पर्चियां गिनी गईं। इस प्रक्रिया के दौरान सभी पर्चियां ईवीएम के आंकड़ों से मेल खाती हुई पाई गईं और किसी भी वीवीपैट पर्ची और ईवीएम नंबर में कोई भी विसंगति नहीं पाई गई। चुनाव नतीजों में महायुति की भारी जीत के बाद विपक्षी दलों ने ईवीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इन दलों का कहना था कि ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है।
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चुनाव आयोग ने अपने बयान में क्या कहा
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि वीवीपैट पर्चियों की गिनती का मकसद ईवीएम में दर्ज वोटों और संबंधित वीवीपैट पर्चियों की संख्या की पुष्टि करना था। इस दौरान उम्मीदवारों के प्रतिनिधि और चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक पूरी प्रक्रिया में मौजूद थे।
इसमें आगे कहा गया, महाराष्ट्र की सभी सीटों पर 1,440 वीवीपैट पर्चियों की गिनती की गई। इन पर्चियों की गिनती में कोई भी विसंगति नहीं पाई गई और यह पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों द्वारा रिकॉर्ड की गई थी, जिसका फुटेज सुरक्षित रखा गया है। आयोग ने कहा कि वीवीपै पर्चियो की गिनती हर सीट के पांच मतदान केंद्रों से अनिवार्य रूप से की जाती है। इस गिनती के बिना चुनाव नतीजे घोषित नहीं किए जा सकते थे।
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विधानसभा चुनाव में पार्टियों का प्रदर्शन
राज्य में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव हुए थे। सत्तारूढ़ महायुति ने 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटों पर जीत हासिल की। इसमें भाजपा ने अकेले 132 सीट, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की। महायुति गठबंधन के तीनों घटक दल भाजपा, शिवसेना और राकांपा क्रमश: राज्य की शीर्ष तीन पार्टियां हैं। वहीं, इसके उलट महा विकास अघाड़ी को 288 सीटों में से केवल 46 सीटें ही मिलीं। इसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीट, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की राकांपा (शरद चंद्र पवार) ने सिर्फ 10 ही सीटें जीतीं।