मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने वीरवार सुबह एक समारोह में कहा, बैलेट पेपर से हरगिज चुनाव नहीं होंगे। शाम को कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी बोले, चुनाव आयोग ईवीएम की आशंका पर संज्ञान ले, उसकी पैरवी न करे। आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराना है नसीहत देना नहीं।
उन्होंने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है, लोगों की यह धारणा है।चूंकि लोकतंत्र भरोसे पर चलता है, इसलिए चुनाव आयोग तय करे कि जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ न हो। बता दें, तीन दिन पहले लंदन में सैयद शुजा नाम के एक कथित ईवीएम हैकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह दावा किया था कि भारत की ईवीएम मशीनों को हैक किया जा सकता है।
इतना ही नहीं, शुजा ने कहा था कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हुई थी। इस खुलासे के बाद देश के राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया था। कांग्रेस ने कहा, जब लोगों को ईवीएम पर शक है तो बैलेट से चुनाव कराए जाएं।
दूसरी ओर भाजपा ने कहा, देश की निष्पक्ष चुनाव प्रणाली को बदनाम किया जा रहा है। ईवीएम हैकिंग से जुड़े दावे के बाद भारत के चुनाव आयोग ने कहा, इस मामले की छानबीन की जा रही है। चुनाव आयोग आज भी ईवीएम की फुलप्रूफ सुरक्षा को लेकर अपने स्टैंड पर कायम है। बाद में आयोग ने दिल्ली पुलिस में इस मामले की लिखित शिकायत दे दी।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने अपने बयान में कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, भारत की ईवीएम के साथ लंदन में छेड़छाड़ का आयोजन किया गया। कांग्रेस के पास ऐसे कई लोग हैं, जो पीएम मोदी को हटाने के लिए पाकिस्तान भी चले जाते हैं। अब ऐसे लोग हैकिंग का ख़तरा बताकर लोगों में बेवजह डर फैला कर रहे हैं।
भाजपा नेता बोले, कपिल सिब्बल वहां यूं ही नहीं गए।उन्हें कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भेजा था। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम बैलट पेपर के युग में हरगिज वापस नहीं जाने वाले हैं। हमारी ईवीएम पूरी तरह ठीक हैं।
मनीष तिवारी ने कहा, चुनाव आयोग से हमारा निवेदन है कि वह ईवीएम को लेकर आम लोगों में जो संशय है, उसे दूर करें। वह ईवीएम का हिमायती न बने। अगर आयोग को लगता है कि बैलेट पेपर से लोगों की शंकाओं का निवारण हो सकता है तो उसे इस पर विचार करना चाहिए।