महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग काफी सख्त है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को महाराष्ट्र के डीजीपी को आदेश दिया कि वह राजनीतिक अपराध के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई करें। आयुक्त ने कहा कि ऐसे अपराध चुनावी माहौल को खराब करते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने मंगलवार को झारखंड, महाराष्ट्र और उनके सीमावर्ती राज्यों के मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि राजनीति से प्रेरित अपराधों पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
अब तक 345 करोड़ जब्त किए गए
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव से पहले राज्यों में नकदी, शराब और अन्य उपहारों सहित अन्य प्रलोभनों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है। चुनाव की घोषणा होने के बाद से अब तक 345 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है। इसमें झारखंड में 114 करोड़ और महाराष्ट्र में 175 करोड़ रुपये की जब्ती गई है। जबकि शेष जब्ती उपचुनाव वाले राज्यों मे की गई।
निष्पक्ष रहकर काम करें अधिकारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि झारखंड के प्रशासनिक अधिकारी निष्पक्ष रहकर काम करें। कोई भी अधिकारी दुर्भावनापूर्ण काम न करे। अंतरराज्यीय सीमाओं पर नशीले पदार्थ, शराब, हथियारों और विस्फोटकों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई जाए। साथ ही सीमाओं की कड़ी निरागनी की जाए।
महाराष्ट्र में एक और झारखंड में दो चरण में होंगे चुनाव
288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे, जबकि विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजीत पवार की एनसीपी से मिलकर बनी महायुति सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, जबकि शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस की विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) इसे सत्ता से बेदखल करने के प्रयास में है। वहीं झारखंड में में 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 13 और 20 नवंबर को दो चरणों में होंगे और 23 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। यहां झामुमो गठबंधन की सरकार है।