राजीव कुमार ने इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर चुनाव से पहले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति के नाम से सोशल मीडिया पर ईवीएम हैकिंग की फर्जी खबरें फैलाई गईं।
चुनावों के दौरान प्रभावशाली लोगों के फर्जी कहानियां गढ़ने के चलन पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने गंभीर चिंता जताते हुए इस पर सवाल उठाया है। उन्होंने इस प्रवृत्ति को भारत और विदेश में विघटनकारी तत्वों के झूठ को बार-बार सच बनाकर पेश करने और लोगों की धारण को बदलने का प्रयास बताया।
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राजीव कुमार ने कहा कि भारत जैसे देश में, जहां चुनाव के चक्र निर्धारित हैं, सोशल मीडिया मंचों को फर्जी खबरों का पता लगाने के लिए अपनी शक्ति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग करना चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल और चुनावी ईमानदारी विषय पर चुनाव आयोग द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यह बात कही। आयोग के मुताबिक कुमार ने सोशल मीडिया मंचों पर सबको समान अवसर नहीं मिल पाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन एजेंसियों का यह कहना कि जब तक अपराध का मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक वह कार्रवाई नहीं कर सकतीं, यह कल्पना करना कठिन है।
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ईवीएम पर सवाल उठाना गलत
राजीव कुमार ने इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर चुनाव से पहले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति के नाम से सोशल मीडिया पर ईवीएम हैकिंग की फर्जी खबरें फैलाई गईं। इस पर हाल ही में कृष्णमूर्ति ने अपना खंडन जारी किया है। इस सम्मेलन में 16 देशों ने हिस्सा लिया।