मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
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मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को कहा कि भारत के ऐसे सभी नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है, जिनकी आयु 18 वर्ष पूरी हो चुकी है। वहीं, जो लोग पात्र नहीं हैं उनके नाम व्यवस्थित रूप से हटाए जा रहे हैं। इनमें मृत, दोहराए गए नाम वाले, अनुपस्थित, स्थानांतरित और विदेशी मतदाता शामिल हैं।
एसआईआर पर क्या कहा?
ज्ञानेश कुमार केंद्रीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) न केवल सुप्रीम कोर्ट की जांच में खरा उतरा है, बल्कि इसने अपने सांविधानिक और कानूनी दायित्वों को पूरा करने में भी बड़ी सफलता हासिल की है।
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि यह विशेष गहन पुनरीक्षण सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिला एवं प्रदेश अध्यक्षों के साथ-साथ 15 लाख से अधिक बूथ-स्तर के एजेंटों की निगरानी में किया जा रहा है।
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एसआईआर प्रक्रिया में कितने अधिकारी तैनात?
उन्होंने कहा कि इस कार्य को 11 लाख से अधिक बूथ-स्तर के अधिकारी, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और अन्य अधिकारी मिलकर पूरा कर रहे हैं। ये सभी राज्य सरकारों के कर्मचारी हैं, जिन्हें प्रतिनियुक्ति पर निर्वाचन आयोग में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी मिलकर दुनिया की सबसे सटीक मतदाता सूचियों में से एक तैयार करने के लिए काम कर रहे हैं।