प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोरोना और संभवत: लॉकडाउन पर चर्चा कर रहे हैं। वहीं इस चर्चा के शुरू होने से ठीक पहले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट के माध्यम से प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी गरीब परिवारों के खाते में सहायता राशि पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी अपील की है कि वे प्रधानमंत्री से इस बारे में बात करें।
चिदंबरम ने कहा कि इस लॉकडाउन में लाखों की तादाद में गरीब बेरोजगार हुए हैं और उनकी जमापूंजी भी खत्म हो गई है। मुफ्त भोजन के लिए उन्हें लाइन में लगना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों की जरुरतें पूरी करने के लिए 65,000 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है होंगे, जो कि अच्छी बात है।
चिदंबरम ने अपने ट्वीट में लिखा कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और केरल के सीएम ई पलानीस्वामी मिलकर प्रधानमंत्री को इस बारे में बताएं कि जिस प्रकार जिंदगियां जरूरी हैं वैसे ही गरीबों की आजीविका भी महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने पूछा कि क्या राज्य गरीबों को इस तरह भूखा देख सकते हैं। चिदंबरम ने कहा कि मुख्यमंत्रियों को मांग करनी चाहिए कि नकदी को हर गरीब परिवार के खाते में तुरंत हस्तांतरित किया जाए। गरीबों की याद दिलाना उनकी सर्वसम्मत मांग होनी चाहिए।