प्याज की कीमतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है। इसे लेकर तिहाड़ जेल से रिहा हुए पी चिदंबरम ने भी वित्त मंत्री को घेरा। जेल में 106 दिन बिताने के बाद जमानत पर रिहा हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम राज्यसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को संसद पहुंचे। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्याज वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि वह क्या खाती हैं? क्या वह एवोकाडो खाती हैं?'
इसके साथ ही संसद परिसर में उन्होंने कांग्रेस नेताओं के साथ प्याज की कीमतों पर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में एक संवाददाता सम्मेलन में चिदंबरम ने कहा कि वित्त मंत्री पर उनकी टिप्पणी व्यंग्यात्मक नहीं थी। मैं व्यंग्य नहीं कर रहा था, मैं उसे उद्धृत कर रहा था। उन्हें पहले से योजना बनानी चाहिए थी, अब प्याज आयात करने का क्या मतलब है, वे कब आएंगे। लेकिन अगर वित्त मंत्री कहती हैं कि मैं प्याज नहीं खाती, तो इससे इस सरकार की मानसिकता का पता चलता है।
सरकार ने बुधवार को कहा था कि राज्य द्वारा संचालित ट्रेडिंग फर्म एमएमटीसी ने तुर्की से 4,000 टन प्याज आयात का एक और ऑर्डर दे रखा है और शिपमेंट जनवरी के मध्य तक पहुंचने की उम्मीद है। यह 17,090 टन प्याज के अलावा पहले से अनुबंधित है, जिसमें मिस्र से 6,090 टन और तुर्की से 11,000 टन शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम को जमानत दे दी। उन्होंने कहा, मैं वापस आकर खुश हूं। सरकार संसद में मेरी आवाज को दबा नहीं सकती है।
बता दें कि, बुधवार को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि वह इतना लहसुन-प्याज नहीं खाती हैं। वह इस तरह के परिवार से आती हैं जहां ज्यादा प्याज-लहसुन का मतलब नहीं है। उनके इस बयान पर सदन में काफी ठहाके लगे थे।
लोकसभा में प्याज खाने को लेकर कुछ सदस्यों के सवालों के जवाब में निर्मला ने कहा, 'मैं इतना लहसुन-प्याज नहीं खाती हूं जी। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां प्याज से मतलब नहीं रखते। महाराष्ट्र के बारामती से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले के सवालों का जवाब देने के लिए वित्त मंत्री खड़ी हुई थीं। उसी दौरान कुछ सदस्यों ने सवाल किया कि क्या आप प्याज खाती हैं। सदस्यों के इस सवाल पर उन्होंने यह जवाब दिया था।