पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के परिवार के सदस्यों को काले धन मामले में एक स्थानीय कोर्ट ने 20 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का निर्देश जारी किया है। चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एस मलरविझी ने चिदंबरम की पत्नी नलिनी, बेटे कार्ति और बहू श्रीनिधि को व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने का आदेश दिया। ये सभी लोग सोमवार को कोर्ट में पेश नहीं हुए।
आयकर विभाग के अनुसार, कार्ति ने ब्रिटेन स्थित मेट्रो बैंक में अपने बैंक खाते और अमेरिका की नैनो होल्डिंग्स एलएलसी में निवेश का खुलासा नहीं किया। साथ ही वह सह स्वामित्व वाली कंपनी चेस ग्लोबल एडवाइजरी में किए गए निवेश की जानकारी देने में भी नाकाम रहे है। यह कालेधन कानून के लिए अपराध है।
विभाग ने कहा कि इन तीन लोगों ने ब्रिटेन के कैंब्रिज में संयुक्त स्वामित्व वाली 5.37 करोड़ की संपत्ति और अमेरिका की 3.28 करोड़ संपत्ति का खुलासा नहीं किया। मजिस्ट्रेट ने इससे पहले चिदंबरम के परिजनों को 25 जून को कोर्ट में पेश होने को कहा था। इन लोगों ने कोर्ट के सामने हाजिरी लगाकर व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की याचिका दाखिल की थी।