बुधवार देर रात आखिरकार पूर्व वित्त और गृहमंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया केस में भष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इस केस के अलावा भी चिदंबरम के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े कई अन्य मामले भी चल रहे हैं। इनमें से कई केस ऐसे भी हैं जिनमें चिदंबरम के साथ उनकी पत्नी नलिनी, बेटे कार्ति और बहू भी आरोपी हैं।
इन सभी मामलों की सुनवाई लोअर या हायर कोर्ट में चल रही है। इनमें से कई मामलों में सीबीआई, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय चिदंबरम से पूछताछ कर चुका है।
इन एजेंसियों ने शक जाहिर किया है कि आईएनएक्स मीडिया एवं एयरसेल-मैक्सिस के अलावा कम से कम चार अन्य मामलों में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी देने में कथित तौर पर चिदंबरम की भूमिका संदिग्ध है।
जांच एजेंसियों को शक है कि पिता-पुत्र की जोड़ी ने कई फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की उगाही की है। जिनका इस्तेमाल उनके व्यक्तिगत खर्चों में, विदेशों में दो दर्जन से अधिक खाते खोलने एवं उनमें पैसे जमा करने तथा मलेशिया, ब्रिटेन, स्पेन सहित अन्य देशों में अचल संपत्ति खरीदने में किया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
आईएनएक्स मीडिया: पूरा मामला आईएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (FIPB) से गैर कानूनी तौर पर मंजूरी दिलवाने से जुड़ा है। इसमें आईएनएक्स ने 305 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश हासिल किया था। इस केस में गड़बड़ी की आंच कार्ति चिदंबरम के जरिए तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम तक पहुंची और 15 मई 2017 में सीबीआई ने विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं के चलते पहली एफआईआर दर्ज की।
सारदा चिटफंड: चिदंबरम की पत्नी नलिनी के खिलाफ सारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआई कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। उन पर 1.4 करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।
पी चिदंबरम
- फोटो : एएनआई
कालाधन मामला: कालधन रखने के मामले में कर अधिनियम- 2015 के तहत चिदंबरम, उनकी पत्नी नलिनी, बेटे कार्ति, बहू श्रीनिधि के खिलाफ आरोप हैं। हालाकि मद्रास हाईकोर्ट से इस मामले में उन्हें राहत मिली हुई है।
एयरसेल-मैक्सिस डील: 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल में 100 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी थी। 2जी से जुड़े इस केस में चिदंबरम पर हवाला केस दर्ज है। चिदंबरम तब वित्तमंत्री थे। उन पर आरोप है कि वित्तमंत्री के रूप में उनके पास विदेशी निवेश को स्वीकृति देने की सीमा केवल 600 करोड़ रुपये की है, लेकिन उन्होंने 3500 करोड़ रुपये की डील कैबिनेट समिति की इजाजत के बिना ही पास कर दी।
p-chidambaram
- फोटो : PTI
एविएशन घोटाला: 2007 में चिदंबरम के वित्तमंत्री रहने के दौरान 111 यात्री विमान खरीद में हुए कथित घोटाले को लेकर जांच चल रही है। उस समय नागरिक उड्डयन मंत्री एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल थे। इस मामले में चिदंबरम से 23 अगस्त को पूछताछ के लिए ईडी ने समन भी जारी किया है।
इशरत जहां केस: इस मामले में आरोप है कि बतौर गृहमंत्री हलफनामें से छेड़छाड़ की गई थी। इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस के पास दर्ज है।