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Chidambaram: अफजल गुरु की फांसी में देरी वाले शाह के बयान पर भड़के चिदंबरम, बोले- यह सरासर झूठ

Thu, 31 Jul 2025 01:48 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि जब तक चिदंबरम गृह मंत्री हैं, तब तक अफजल गुरु को मौत की सजा नहीं दी जा सकती। इस पर पी चिदंबरम ने कहा कि यह बयान झूठ, तोड़-मरोड़ और भ्रामक बातों का मिश्रण है।
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पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने अफजल गुरु की फांसी में देरी वाले अमित शाह के बयान पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह सरासर झूठ और इसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। 
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राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि जब तक चिदंबरम गृह मंत्री हैं, तब तक अफजल गुरु को मौत की सजा नहीं दी जा सकती। इस पर पी चिदंबरम ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बयान दिया कि जब तक पी. चिदंबरम गृह मंत्री थे, अफजल गुरु को फांसी नहीं दी जा सकती थी। यह बयान झूठ, तोड़-मरोड़ और भ्रामक बातों का मिश्रण है। अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद अफजल की पत्नी ने उसकी ओर से अक्टूबर 2006 में भारत के राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने 3-2-2013 को दया याचिका खारिज कर दी। अफजल गुरु को छह दिन बाद 9-2-2013 को फांसी दे दी गई। मैं 1-12-2008 और 31-7-2012 के दौरान गृह मंत्री था। मेरी पूरे कार्यकाल के दौरान दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित रही। कानून यह है कि जब तक दया याचिका का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक मृत्युदंड की सजा पर अमल नहीं किया जा सकता।
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अमित शाह ने यह कहा था
गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम के बयान पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह कह रहे थे कि आतंकियों के क्या सबूत हैं कि वे पाकिस्तान से आए थे। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि जब तक पी. चिदंबरम गृह मंत्री थे तब तक अफजल गुरु को फांसी नहीं हुई। अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि कांग्रेस पार्टी की मानसिकता को देश की जनता देख रही है। इनकी प्राथमिकता देश की सुरक्षा नहीं है, राजनीति है। इनकी प्राथमिकता आतंकवाद को समाप्त करना नहीं है, अपनी वोटबैंक है। इनकी प्राथमिकता हमारी सीमा की सुरक्षा करना नहीं है, तुष्टिकरण की राजनीति है।
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