पी. चिदंबरम, नेता कांग्रेस
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि सभी राजनीतिक दलों को महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उनके विकास को सुनिश्चित करना चाहिए। चिदंबरम ने कहा कि चुनाव के दौरान वोट मांगना सामान्य है, लेकिन सत्ता में आने के बाद पार्टियों को महिलाओं के मसलों पर खुलकर बात करनी चाहिए और उन्हें हल करना चाहिए।
चिदंबरम ने जोर दिया कि राजनीतिक दलों को अपनी नीतियों को समझाना चाहिए और महिलाओं के विकास के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहिए, उन्हें पारिवारिक और सामाजिक बंधनों से मुक्त करके आगे बढ़ने में मदद करनी चाहिए, ताकि वे देश का नेतृत्व भी कर सकें।
बिहार चुनाव के नतीजे आयोग के कुकृत्यों को छिपा नहीं सकतेः स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार को उनकी निर्णायक जीत के लिए बधाई दी और बिहार के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए शुभकामनाएं दीं। स्टालिन ने निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि इस चुनाव के नतीजे उसके कुकृत्यों को छिपा नहीं सकते। आयोग की प्रतिष्ठा अपने सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक ऐसे मजबूत और अधिक निष्पक्ष निर्वाचन आयोग के हकदार हैं, जिसके चुनाव संचालन से उन लोगों में भी विश्वास पैदा हो जिनकी जीत नहीं हुई।
चुनाव से पूर्व धन वितरण का चलन चिंताजनकः शरद पवार
राकांपा (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि महिलाओं के लिए उद्यमिता योजना ने बिहार चुनाव में राजग की जीत में अहम भूमिका निभाई। साथ ही, इस बात पर आश्चर्य जताया कि चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान धन के वितरण की अनुमति कैसे दे दी। पवार ने शनिवार को बारामती में पत्रकारों से बातचीत कहा कि इस चुनाव को महिलाओं ने अपने हाथों में ले लिया था। सभी के खातों में योजना के तहत 10-10 हजार रुपये आए और इसका परिणाम पर सीधा असर पड़ा। महाराष्ट्र की लाडकी बहन योजना से तुलना करते हुए पवार ने कहा कि चुनावों से ठीक पहले सरकारों की ओर से बड़ी रकम वितरित करने का चलन चिंताजनक है। उन्होंने कहा, अगर सत्ता में बैठे लोग इस तरह से पैसा बांटकर चुनाव में उतरेंगे तो इससे लोगों का चुनाव में विश्वास डगमगा जाएगा।