वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। मीडिया से बातचीत में पुलिस का आरोप है कि विवादित सीडी की करीब 1000 कॉपियां बनाई गईं। पुलिस के मुताबिक करीब 500 सीडियां बरामद हुईं हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि उन्हें पत्रकार विनोद वर्मा का पता सीडी की कॉपी बनाने वाले से मिला।
पुलिस के मुताबिक पत्रकार विनोद वर्मा के पास उन्हें सीडी व पेन ड्राइव मिली है, हालांकि शिकायकर्ता प्रकाश बजाज की शिकायत में उनका नाम नहीं था। पुलिस का कहना है कि सीडी की कॉपी बनाने वाले ने जानकारी दी कि ये सीडी विनोद वर्मा के कहने पर बनवाई गई थी। पुलिस का कहना है कि ब्लैकमेलिंग होने से पहले ही कार्रवाई की गई।
हालांकि इस पूरी मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि एफआईआर में पत्रकार विनोद वर्मा का नाम नहीं फिर भी उन पर कार्रवाई की गई। साथ ही फोन कॉल में विनोद वर्मा की आवाज की पुष्टि भी नहीं हो पाई है। इससे पहले शुक्रवार सुबह विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने उन्हें उनके गाजियाबाद स्थित घर से हिरासत में लिया।
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गिरफ्तारी के बाद विनोद वर्मा ने कहा, 'मेरे पास छत्तीसगढ़ सरकार के एक बड़े मंत्री की सेक्स सीडी है। यह वहां की सरकार को हजम नहीं हो रहा है और उन्हें बचाने में लगी हुई है।'
छत्तीसगढ़ पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार की निंदा की है। उनका कहना है कि जिस सीडी को लेकर ब्लैकमेल करने का आरोप विनोद वर्मा पर लगा है, वो प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री की है। बघेल ने वो सीडी भी सार्वजनिक की, जिसमें मंत्री एक महिला के साथ आपत्तिजनक हाल में हैं। उन्होंने इस सीडी की जांच की मांग की है।